भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) “प्रोजेक्ट नेक्सस” में शामिल हुआ: तत्काल सीमा-पार रिटेल पेमेंट सुनिश्चित करने की पहल

क्या आपने कभी सोचा है कि विदेश में पैसे भेजना कितना आसान हो सकता है? भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस सपने को साकार करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। RBI अब "प्रोजेक्ट नेक्सस" का हिस्सा है, जो एक बहुपक्षीय अंतर्राष्ट्रीय पहल है। इसका उद्देश्य तत्काल सीमा-पार रिटेल पेमेंट को सुविधाजनक बनाना है। यह पहल वैश्विक वित्तीय प्रणाली को और अधिक तेज़, पारदर्शी, और सुलभ बनाने के लिए तैयार की गई है।

प्रोजेक्ट नेक्सस क्या है?

प्रोजेक्ट नेक्सस एक बहुपक्षीय अंतर्राष्ट्रीय पहल है जिसे बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) के इनोवेशन हब ने शुरू किया है। इसका उद्देश्य घरेलू त्वरित भुगतान प्रणालियों (Instant Payments Systems, IPS) को आपस में जोड़कर तत्काल सीमा-पार रिटेल पेमेंट की सुविधा प्रदान करना है। यह पहल वैश्विक वित्तीय प्रणाली को और अधिक कुशल और पारदर्शी बनाने के लिए है।

तत्काल भुगतान प्रणालियों (IPS) का परिचय

तत्काल भुगतान प्रणालियाँ (Instant Payments Systems, IPS) वास्तव में इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणालियाँ हैं जो दो बैंकों के बीच फंड ट्रांसफर की सुविधा प्रदान करती हैं। यह प्रणाली मिनटों में ही भुगतान की पुष्टि कर देती है, जिससे फंड भेजने वाले और प्राप्त करने वाले दोनों को तुरंत सूचना मिल जाती है। इससे न केवल समय की बचत होती है बल्कि लेन-देन की प्रक्रिया भी सरल हो जाती है।

भारत में त्वरित भुगतान प्रणाली

भारत में त्वरित भुगतान प्रणाली का एक प्रमुख उदाहरण युनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) है। UPI ने भारत में डिजिटल भुगतान के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है। यह एक अत्यंत सरल और तेज़ प्रणाली है जो विभिन्न बैंकों के खातों को आपस में जोड़कर तुरंत फंड ट्रांसफर की सुविधा प्रदान करती है। UPI की सफलता की कहानी वास्तव में प्रेरणादायक है, जिसने करोड़ों भारतीयों को डिजिटल भुगतान की ओर प्रेरित किया है।

प्रोजेक्ट नेक्सस की विशेषताएँ

प्रोजेक्ट नेक्सस की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है इसका बहुपक्षीय दृष्टिकोण। यह परियोजना चार आसियान देशों - मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, और थाईलैंड - तथा भारत की त्वरित भुगतान प्रणालियों को जोड़ती है। इसका उद्देश्य विभिन्न देशों की घरेलू त्वरित भुगतान प्रणालियों को एक मानक प्लेटफ़ॉर्म पर लाना है, जिससे हर देश के ऑपरेटर को केवल "नेक्सस" से एक कनेक्शन बनाने की आवश्यकता होती है।

प्रोजेक्ट नेक्सस के लाभ

प्रोजेक्ट नेक्सस कई लाभ प्रदान करता है। सबसे प्रमुख लाभ है सीमा-पार भुगतान की सुविधा, जिससे जटिलता, लागत और लेन-देन के समय को कम किया जा सकता है। इसके अलावा, यह सभी भुगतान सेवा प्रदाताओं के लिए एक लाभकारी भुगतान अवसंरचना प्रदान करता है, जिससे वे कम लागत पर अपने ग्राहकों को सेवा प्रदान कर सकते हैं। यह पहल अलग-अलग प्रणालियों में मानकीकरण और सामंजस्य को बढ़ावा देती है, जिससे विभिन्न प्रणालियों के बीच लेन-देन में मौजूद कमियों को दूर किया जा सकता है।

G20 के लक्ष्य और प्रोजेक्ट नेक्सस

G20 ने अपने लक्ष्यों में वहनीय, तेज़, अधिक पारदर्शी और आसान सीमा-पार भुगतान सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है। प्रोजेक्ट नेक्सस इन लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह पहल न केवल भुगतान प्रणालियों को अधिक कुशल बनाती है बल्कि वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता और सुरक्षा भी बढ़ाती है।

प्रोजेक्ट नेक्सस का भविष्य

प्रोजेक्ट नेक्सस का लक्ष्य 2026 तक पूरी तरह से कार्यान्वित होना है। हालांकि, इस परियोजना के सामने कुछ चुनौतियाँ भी हो सकती हैं, जैसे कि विभिन्न देशों की विभिन्न भुगतान प्रणालियों के बीच समन्वय स्थापित करना। लेकिन यदि यह परियोजना सफल होती है, तो यह वैश्विक वित्तीय प्रणाली में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकती है।

निष्कर्ष

प्रोजेक्ट नेक्सस न केवल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बल्कि पूरी वैश्विक वित्तीय प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यह परियोजना तत्काल सीमा-पार रिटेल पेमेंट को सुविधाजनक बनाकर वैश्विक वित्तीय लेन-देन को और अधिक कुशल, पारदर्शी और सुलभ बनाएगी। RBI की इस पहल से न केवल भारत बल्कि अन्य देशों के नागरिकों को भी लाभ होगा।

FAQs

प्रोजेक्ट नेक्सस क्या है?

प्रोजेक्ट नेक्सस एक बहुपक्षीय अंतर्राष्ट्रीय पहल है जो घरेलू त्वरित भुगतान प्रणालियों (IPS) को आपस में जोड़कर तत्काल सीमा-पार रिटेल पेमेंट की सुविधा प्रदान करती है।

IPS का महत्व क्या है?

तत्काल भुगतान प्रणालियाँ (IPS) दो बैंकों के बीच फंड ट्रांसफर की सुविधा प्रदान करती हैं और मिनटों में ही भुगतान की पुष्टि कर देती हैं, जिससे समय और प्रक्रिया की सरलता बढ़ जाती है।

प्रोजेक्ट नेक्सस में कौन से देश शामिल हैं?

प्रोजेक्ट नेक्सस में चार आसियान देश - मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, और थाईलैंड - तथा भारत शामिल हैं।

G20 लक्ष्यों की प्राप्ति में प्रोजेक्ट नेक्सस का योगदान कैसे है?

प्रोजेक्ट नेक्सस G20 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो वहनीय, तेज़, पारदर्शी और आसान सीमा-पार भुगतान सुनिश्चित करने का संकल्प है।

2026 तक प्रोजेक्ट नेक्सस की क्या योजना है?

प्रोजेक्ट नेक्सस का लक्ष्य 2026 तक पूरी तरह से कार्यान्वित होना है, जिससे वैश्विक वित्तीय प्रणाली में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन की उम्मीद है।

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