ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GPAI) की मंत्रिस्तरीय परिषद की छठी बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गई

Artificial Intelligence

नई दिल्ली, भारत में हाल ही में आयोजित हुई GPAI की मंत्रिस्तरीय परिषद की छठी बैठक में सदस्य देशों ने AI के भविष्य के विज़न पर सहमति व्यक्त की है। इस बैठक के माध्यम से, उन्होंने मानव-केंद्रित एवं विश्वसनीय AI की क्षमता को बढ़ाने के लिए तालमेल को मजबूत करने पर प्रतिबद्धता प्रकट की है।

GPAI की मंत्रिस्तरीय परिषद की छठी बैठक: एक परिचय

क्या है GPAI?

GPAI यानि ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो AI संबंधी अनुसंधान और विकास को समर्थन देता है। यह संगठन OECD द्वारा आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) के सदस्य देशों और अन्य देशों के साझेदारी में स्थापित किया गया है।

बैठक का उद्देश्य

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य AI प्रणाली के विकास में गति लाना है और समाजों और अर्थव्यवस्थाओं को आने वाले परिवर्तनों के लिए तैयार करने में मदद करना है।

GPAI के भविष्य के विज़न

मानव-केंद्रित AI का विकास

GPAI का विज़न है मानव-केंद्रित AI प्रणालियों के विकास के माध्यम से समस्याओं का समाधान करना और तकनीकी प्रगति को समाज के लाभ के लिए उपयोग में लाना।

साझेदारी की महत्वपूर्णता

अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से, GPAI विभिन्न देशों को एक साथ लाता है ताकि AI प्रणालियों का विकास और उनका उपयोग विश्व स्तर पर सुरक्षित और विश्वसनीय हो सके।

GPAI के सदस्य देश

भारत की भूमिका

भारत GPAI का एक महत्वपूर्ण सदस्य है और इसने AI प्रणालियों के विकास में अपना योगदान दिया है। इसके साथ ही, GPAI में कुल 29 सदस्य देश शामिल हैं जो AI प्रणालियों के विकास एवं उनके उपयोग को बढ़ावा देने में लगे हुए हैं।

बैठक के मुख्य परिणाम

AI की क्षमता के प्रति प्रतिबद्धता

इस बैठक में सदस्य देशों ने AI की क्षमता को पहचाना है और इसे समाजों और अर्थव्यवस्थाओं के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान माना है।

सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

AI प्रणालियों के उपयोग से हमारी समाजों में गहरा परिवर्तन आएगा, जो न केवल सामाजिक बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।

AI प्रणाली के जोखिम और चुनौतियाँ

सुरक्षा और गलत सूचना का खतरा

AI प्रणालियों के उपयोग में सुरक्षा और गलत सूचना का खतरा हो सकता है, जिसका सामाजिक और आर्थिक प्रभाव हो सकता है।

भेदभाव और प्रतिष्ठान

AI प्रणालियों के उपयोग में भेदभाव और प्रतिष्ठान की समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं, जो समाज के न्याय को प्रभावित कर सकती हैं।

भविष्य की दिशानिर्देशिका

AI प्रणालियों का समर्थन

भविष्य में, GPAI अधिक मानव-केंद्रित और सुरक्षित AI प्रणालियों का विकास समर्थित करेगा ताकि इनका उपयोग समाज के लाभ के लिए हो सके।

मानव-केंद्रित तकनीकी निर्माण

आने वाले वर्षों में, AI प्रणालियों के मानव-केंद्रित तकनीकी निर्माण के माध्यम से हम समाज को और उत्कृष्ट बनाने का प्रयास करेंगे।

भारत का योगदान

विशेषता और सहयोग

भारत GPAI में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और इसने संगठन के उद्देश्यों को पूरा करने में अपना सहयोग दिया है।

समाप्ति

इस बैठक के मुख्य परिणामों से स्पष्ट है कि AI की क्षमता में प्रतिबद्धता दिखाने का समय है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इस तकनीकी विकास का उपयोग समाज के सभी वर्गों के लाभ के लिए हो और इसमें सुरक्षा एवं न्याय की सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

(FAQs)

  1. GPAI का उद्देश्य क्या है?

    • GPAI का उद्देश्य AI प्रणालियों के विकास और उनके उपयोग को समाज के लाभ के लिए सुनिश्चित करना है।
  2. GPAI में भारत की भूमिका क्या है?

    • भारत GPAI का एक महत्वपूर्ण सदस्य है और इसने AI प्रणालियों के विकास में अपना योगदान दिया है।
  3. AI प्रणालियों के उपयोग में क्या खतरे हैं?

    • AI प्रणालियों के उपयोग में सुरक्षा और गलत सूचना का खतरा हो सकता है, जो समाज को प्रभावित कर सकता है।
  4. GPAI के भविष्य क्या है?

    • GPAI भविष्य में मानव-केंद्रित और सुरक्षित AI प्रणालियों के विकास को समर्थित करेगा।
  5. कौन GPAI के अध्यक्ष (लीड चेयर) हैं?

    • 2024-25 के लिए GPAI अध्यक्ष अर्जेन्टीना के नारिक्सो लुटिया होंगे।

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