डिजिटल इंडिया पहल (DII) के 9 वर्ष पूरे हुए

डिजिटल इंडिया पहल का परिचय

डिजिटल इंडिया पहल (DII) का शुभारंभ 2015 में हुआ था, जिसका उद्देश्य भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में बदलना था। यह एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जो विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कई परियोजनाओं को शामिल करता है।

शुरुआत और उद्देश्य

डिजिटल इंडिया पहल का मुख्य उद्देश्य भारत को डिजिटल पावरहाउस बनाना है। इस पहल के तहत विभिन्न सेवाओं का डिजिटलीकरण, इंटरनेट कनेक्टिविटी का विस्तार, और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना शामिल है।

प्रमुख तत्व और लक्ष्य

डिजिटल इंडिया पहल के तीन प्रमुख तत्व हैं:

  1. प्रत्येक नागरिक के लिए जन-उपयोगिता के रूप में डिजिटल अवसंरचना की स्थापना।
  2. गवर्नेंस और मागं आधारित सेवाओं का वितरण।
  3. नागरिकों का डिजिटल रूप से सशक्तीकरण।

डिजिटल अवसंरचना की स्थापना

प्रत्येक नागरिक के लिए जन-उपयोगिता के रूप में

डिजिटल अवसंरचना का मतलब है कि प्रत्येक नागरिक को डिजिटल सेवाओं का लाभ मिले। इसमें इंटरनेट कनेक्टिविटी, ब्रॉडबैंड नेटवर्क, और डिजिटलीकरण शामिल हैं।

इंटरनेट कनेक्टिविटी और ब्रॉडबैंड नेटवर्क

डिजिटल इंडिया पहल के तहत, देशभर में इंटरनेट कनेक्टिविटी का विस्तार किया गया है। भारतनेट परियोजना के तहत 6.83 लाख किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाया गया है।

गवर्नेंस और मागं आधारित सेवाएं

ई-गवर्नेंस का महत्व

ई-गवर्नेंस का मतलब है कि सरकार की सभी सेवाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हों। इससे सेवाओं की पारदर्शिता और आसानी से पहुंच बढ़ती है।

सेवाओं का डिजिटलीकरण

डिजिटल इंडिया पहल के तहत, विभिन्न सरकारी सेवाओं का डिजिटलीकरण किया गया है, जिससे नागरिकों को ऑनलाइन सेवाएं प्राप्त होती हैं।

नागरिकों का डिजिटल रूप से सशक्तीकरण

डिजिटल साक्षरता अभियान

डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत, देशभर में लोगों को डिजिटल तकनीक के उपयोग की जानकारी दी जा रही है।

सशक्तीकरण के उपाय

डिजिटल साक्षरता के अलावा, अन्य सशक्तीकरण के उपाय भी किए जा रहे हैं, जैसे कि डिजिलॉकर और UMANG ऐप।

डिजिटल इंडिया के 9 स्तंभ

ब्रॉडबैंड हाइवे

देशभर में ब्रॉडबैंड नेटवर्क का विस्तार किया गया है।

यूनिवर्सल एक्सेस टू मोबाइल कनेक्टिविटी

मोबाइल कनेक्टिविटी को सभी के लिए सुलभ बनाया गया है।

पब्लिक इंटरनेट एक्सेस प्रोग्राम

पब्लिक इंटरनेट एक्सेस प्रोग्राम के तहत, सभी को इंटरनेट की सुविधा दी जा रही है।

ई-गवर्नेंस: सुधार करना, सक्षम बनाना

ई-गवर्नेंस के माध्यम से सरकारी सेवाओं में सुधार और सक्षम बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

ई-क्रांति: सेवाओं का इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी

ई-क्रांति के माध्यम से सेवाओं की इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी को बढ़ावा दिया गया है।

सूचना के लिए सभी

सभी के लिए सूचना को सुलभ बनाया गया है।

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग

देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

आईटी फॉर जॉब्स

आईटी सेक्टर में रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं।

अर्ली हार्वेस्ट प्रोग्राम्स

अर्ली हार्वेस्ट प्रोग्राम्स के तहत, त्वरित लाभ के लिए विभिन्न परियोजनाओं को शुरू किया गया है।

मुख्य समन्वयकारी एजेंसी

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (DeitY)

DeitY इस पहल की मुख्य समन्वयकारी एजेंसी है।

अन्य मंत्रालय और निगरानी समिति

अन्य मंत्रालय और प्रधान मंत्री की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति इस पहल में सहयोग करती है।

शुरू की गई पहलें

UMANG ऐप

UMANG ऐप के माध्यम से विभिन्न सरकारी सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।

डिजिलॉकर

डिजिलॉकर के माध्यम से नागरिकों के दस्तावेज़ सुरक्षित और डिजिटल रूप से सुलभ हैं।

डिजिटल इंडिया का प्रभाव

जीवन को आसान बनाना

डिजिटल इंडिया पहल ने लोगों के जीवन को आसान बना दिया है, क्योंकि अब उन्हें सरकारी सेवाएं ऑनलाइन प्राप्त हो रही हैं।

पारदर्शिता लाना

डिजिटल इंडिया पहल ने सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाई है।

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर

सहयोगात्मक और न्यायसंगत प्रौद्योगिकी मॉडल

यह पहल सहयोगात्मक और न्यायसंगत प्रौद्योगिकी मॉडल को बढ़ावा देती है।

अवसरों का लोकतंत्रीकरण

डिजिटल इंडिया ने अवसरों का लोकतंत्रीकरण किया है, जिससे हर व्यक्ति को समान अवसर मिल रहे हैं।

वित्तीय समावेशन

किसान और बैंक खाते

11 करोड़ से अधिक किसान अब सीधे अपने बैंक खाते में किसी योजना के अंतर्गत वित्तीय लाभ प्राप्त करते हैं।

आधार कार्ड का महत्व

137 करोड़ से अधिक आधार नंबर सृजित किए गए हैं, जिससे पहचान और सेवाओं की उपलब्धता आसान हो गई है।

भारतनेट परियोजना

ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क

भारतनेट परियोजना के तहत 6.83 लाख किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाया गया है।

इंटरनेट की पहुंच बढ़ाना

इस परियोजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की पहुंच बढ़ाई गई है।

डिजिटल इंडिया पहल की चुनौतियाँ

समन्वय संबंधी समस्याएं

इस कार्यक्रम में कई विभागों के शामिल होने के कारण समन्वय में चुनौतियां आती हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों की चुनौतियाँ

शहरी क्षेत्रों की तुलना में देश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाएं नहीं पहुंच पाई हैं।

भविष्य की दिशा

नई पहलें और योजनाएँ

डिजिटल इंडिया पहल के तहत नई पहलें और योजनाएं शुरू की जा रही हैं।

सुधार और विकास की दिशा

इस पहल में सुधार और विकास की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

निष्कर्ष

डिजिटल इंडिया पहल ने देश में तकनीकी सुधार और विकास के नए युग की शुरुआत की है। इस पहल के तहत सरकार की सेवाएं और प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी और सुलभ हुई हैं। हालांकि, कुछ चुनौतियाँ अब भी मौजूद हैं, लेकिन इन पर लगातार काम हो रहा है।

FAQs

डिजिटल इंडिया पहल क्या है?

डिजिटल इंडिया पहल एक सरकारी कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में बदलना है।

डिजिटल इंडिया पहल का उद्देश्य क्या है?

इस पहल का मुख्य उद्देश्य इंटरनेट कनेक्टिविटी का विस्तार, सेवाओं का डिजिटलीकरण, और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना है।

डिजिटल इंडिया के तहत कौन-कौन सी सेवाएं हैं?

डिजिटल इंडिया पहल के तहत UMANG ऐप, डिजिलॉकर, ई-गवर्नेंस, और विभिन्न अन्य सेवाएं शामिल हैं।

डिजिटल इंडिया पहल के लाभ क्या हैं?

इस पहल के तहत सरकारी सेवाएं अधिक पारदर्शी और सुलभ हो गई हैं, जिससे लोगों का जीवन आसान हुआ है।

डिजिटल इंडिया की चुनौतियाँ क्या हैं?

इस पहल में समन्वय संबंधी समस्याएं और ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच न होना प्रमुख चुनौतियाँ हैं।

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